जीन पियाजे द्वारा वस्तु स्थायित्व वर्णन, Notes By Ashwany Dubey

 Notes By Ashwany Dubey


🌼🌼वस्तु स्थायित्व(object permanence) 🌼🌼

(मूर्त से अमूर्त की ओर stability) 


✍️ हर वो वस्तु जो हमारे सामने है या सामने नहीं भी है लेकिन हमे उसकी समझ होती है उसका ज्ञान जब हमे होता है तो यदि वो वस्तु जब हमारे सामने नहीं होती तब हम उसको खोज सकते है!


✍️यदि कोई वस्तु बच्चे के सामने अभी नहीं भी है और बच्चा उसको नहीं देख पा रहा है तब भी जो उसको ज्ञान या समझ उस वस्तु के बारे मे है और वह उसको खोज रहा है तब वह वस्तु स्थायित्व को दर्शाता है! 


✍️ वस्तु स्थायित्व 0-2 वर्ष मे प्रारंभ हो जाता है! 


✍️2 वर्ष के पश्चात बच्चा वस्तु स्थायित्व को प्रदर्शित करता है! 


✍️जो कि पूर्व सांक्रियात्मक अवस्था कहलाती है! 


🌻🌻जीन पियाजे ने बच्चों मे वस्तु स्थायित्व के प्रारम्भ से पूर्ण प्रदर्शित होने के -- 6 चरण दिए है! 👉


1) 0 से 1 माह => 


बच्चा ख़ुद से कोई दिमाग नहीं लगाता है, वो अपने आप मे रहता है इस अवस्था मे वस्तु स्थायित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती है! 


2) 1 से 4 माह => 


इस अवस्था मे बच्चे के जो सामने है वो दिमाग मे होता है लेकिन जो सामने से गया वो दिमाग से भी चला जाता है! 

जैसे कि बच्चा अंगूठा चूसता और जब हाथ को हटा दे तो फिर वह फिर से चूसने लगता है! 


👉जीन पियाजे ने कहा है कि "अगर कुछ दृष्टि से बाहर वो दिमाग से बाहर"!  


3) 4 से 8 माह =>


इस अवस्था मे वातावरण से सामंजस्य बड़ने लगता है और बच्चा वस्तुओं की ध्वनि के अनुरूप पहचान करने लगता है! 


जैसे कि अगर कोई चीज की ध्वनि अलग अलग स्थान पर करने पर बच्चा उस ओर देखने की चेष्टा करता है!


4) 8 से 12 माह =>


इस उम्र वर्ग के बच्चों मे वस्तु स्थायित्व की सोच उभरना सुरू हो जाती है!


 जैसे कि अगर खिलौने रखने के स्थान का हम विस्थापन करदे तो बच्चा भूल जाता है लेकिन उसके पहले तक वह उस जगह का ही उपयोग करता है!


5) 12 से 18 माह =>


इस उम्र वर्ग का बच्चा वस्तु विस्थापन को समझने लगता है और वातावरण से अनुकूलन कर वस्तु स्थायित्व को समझने लगता   है! 


जैसे कि जब किसी वस्तु या उसके खिलौने जो उसको रोचक या रुचिकर लगती है अगर उस वस्तु का स्थान परिवर्तित कर दिया जाए तो बच्चा रोने लगेगा! 


6) 12 से 18 माह =>


Complete object permanence stage भी कहा जाता इस उम्र वर्ग को! 


इस उम्र वर्ग के बच्चों मे वस्तुओं को देखने समझने का ज्ञान और उनके गुणों को देखकर उनके बारे मे विचारों का स्थायित्व आने लगता है! 

 इस उम्र का बच्चा अपनी वस्तु को उसी स्थान देखेगा जहाँ वो वस्तु रखी रहती है! और अगर वहा नहीं तो और भी जगह पर भी खोजने लगेगा! 


जैसे कि अगर हम बच्चे के साथ खेलते है और हम किसी स्थान पर छुप जाते है तो बच्चा हमारी अनुपस्थिति मे उसी स्थान पर हमे देखने जाएगा 


✍️ कभी - कभी कई गुणो का अपनी आने की अवस्था का परिवर्तन कर लेना! जैसे कि कभी कभी उम्र ज्यादा भी लग सकती  है!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Bloom Taxonomy By Ashwany Dubey

Jean piaget sangyanatmak vikas ke detailed notes by Ashwany Dubey for State TET and CTET, KVS, NVS,DSSSB

शिक्षण के चार एवं शिक्षण की अवस्थाए